फीमेल का स्पर्म पीने से क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Tue 11th Oct 2022 : 14:03

सेक्स के दौरान वीर्य निगलने से कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी?
सवाल: मैं एक 28 वर्षीय युवती हूं। मेरी शादी को एक साल हो चुके हैं। मुझे सेक्स के दौरान अपने हसबैंड के पेनिस को सक करना बहुत पसंद है। कभी-कभी तो मैं उनका वीर्य (Semen) भी पी लेती हूं। मैं जानना चाहती हूं कि वीर्य पीने से कोई हेल्थ प्रॉब्लम तो नहीं होती। कहीं इससे मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी? कृपया सलाह दें। जवाब: सबसे पहले तो आप अपने मन से यह धारणा निकाल दें कि आप वीर्य पीने से प्रेग्नेंट हो सकती हैं। ऐसा कोई केस अभी तक नहीं आया है। यह बात तो आप सभी जानते हैं कि महिलाएं प्रेग्नेंट तभी होती हैं, जब पुरुष का स्पर्म उनके अंडे से जाकर मिलता है। उसके बाद ही वह अंडा फर्टिलाइज होता है। स्पर्म और अंडे का मिलन तभी हो सकता है, जब वीर्य को योनि में छोड़ा जाए। क्योंकि महिलाओं का अंडा सिर्फ योनि में ही मौजूद होता है। प्रेग्नेंट होने के लिए स्पर्म का अंडे से मिलना जरूरी होता है। वीर्य पेट में जाकर पच जाता हैयदि कोई स्त्री वीर्य पीती है, तो उसके पेट में जाता है और पेट में कोई भी अंडा नहीं होता है। इसलिए स्पर्म का पेट में जाकर पाचन हो जाता है। तो प्रेग्नेंट होने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। तो इस बात से डरने और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। एक बात का ध्यान अवश्य रखेंयदि आपके पति फिजिकली फिट हैं, तो ही सेक्स के दौरान वीर्य पिएं। बुखार होने की अवस्था में या किसी इंफेक्शन या बीमारी से ग्रस्त होने पर सीमन नहीं पीना चाहिए। इससे आपको ही समस्या हो सकती है। ओरल सेक्स के दौरान पर्सनल हाइजीन का पूरा ध्यान रखें। चूंकि वीर्य पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है, इसलिए यह पचाने में आसान नहीं होता। कई बार सेक्स के दौरान वीर्य पीने के मामलों में महिलाओं को उल्टियां होने लगती हैं, जो कि लंबे समय तक चलती रहती हैं। यदि आप वीर्य पीने के बाद उसे सहजता से पचा लेती हैं, तो आप बेशक पी सकती हैं। स्पर्म और सीमन के फर्क को भी जानेंसीमन एक सेमिनल फ्लूइड होता है, जो पुरुषों के सेक्सुअल ऑर्गन से निर्मित होता है और फर्टिलाइजेशन में मदद करता है। कई लोग समझते हैं कि सीमेन में सिर्फ स्पर्म होता है और इसका काम सिर्फ प्रजनन में मदद करना होता है। अक्सर लोग स्पर्म और सीमेन में अंतर नहीं कर पाते और उन्हें लगता है कि दोनों एक ही हैं। जबकि दोनों अलग चीजें हैं। स्पर्म यानी शुक्राणु टैडपोल (मेंढक के बच्चे) की शेप जैसे होते हैं, जो सीमेन यानी वीर्य के अंदर मौजूद होते हैं। इनका काम ओवरी से रिलीज हुए अंडे को फर्टिलाइज करना होता है। लेकिन अंडों तक पहुंचने में इन्हें एक लिक्विड की जरूरत होती है, जिसे सीमेन कहा जाता है। सीमेन फर्टिलिटी को बढ़ाने में भी कारगर माना जाता है। सीमेन में मौजूद प्रोटीन महिलाओं के ब्रेन को हॉर्मोनल सिग्नल भेजते हैं। इस सिग्नल के कारण ओवरी सक्रिय हो जाती हैं और उनसे अंडे रिलीज होते हैं। माना जाता है कि स्पर्म और सीमेन कई दिनों तक जिंदा रह सकते हैं, लेकिन यह सच नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, इजैकुलशन के समय करीब 500 मिलियन स्पर्म रिलीज होते हैं, लेकिन उनमें से कई स्पर्म घंटेभर में ही खत्म हो जाते हैं।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info